Friday, 01 July 2022

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बुद्ध पूर्णिमा पर पाप, कलह और अशांति से चाहिए मुक्ति तो करें ये उपाय

बुद्ध पूर्णिमा पर पाप, कलह और अशांति से चाहिए मुक्ति तो करें ये उपाय

SOURCE BY : POST REPORTS

Buddha Purnima 2022: आज बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा और पीपल जयंती है. वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं. मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बोधगया में उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी.




Buddha Purnima 2022: आज बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा और पीपल जयंती है. वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं. मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बोधगया में उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी. बौद्ध धर्म ग्रंथों के अनुसार, वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को गौतम बुद्ध के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी तिथि को महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था.


बौद्ध धर्म के अनुयायियों का सबसे बड़ा उत्सव


बुद्ध पूर्णिमा का दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा उत्सव होता है. पूर्णिमा तिथि वैसे तो हर माह आती है, लेकिन कुछ महीनों की पूर्णिमा बहुत ही खास एवं धन प्राप्ति के लिए अति लाभकारी मानी जाती है.


ज्योतिषीय कर्मकांडों के लिए खास मानी जाती है वैशाख पूर्णिमा


वैशाख मास की पूर्णिमा को धार्मिक अथवा ज्योतिषीय कर्मकांडों के लिए बहुत खास माना जाता है. विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति से संबंधित उपायों को करने के लिए जातक वैशाख पूर्णिमा का इंतजार करते हैं. इस दिन दान-पुण्य और धर्म-कर्म के अनेक कार्य किए जाते हैं. इसे सत्य विनायक पूर्णिमा भी कहा जाता है.


तिल और चीनी का दान माना जाता है शुभ


इस दिन धर्मराज की पूजा करने की भी मान्यता है. कहते हैं कि सत्यविनायक व्रत से धर्मराज खुश होते हैं. माना जाता है कि धर्मराज मृत्यु के देवता हैं इसलिए उनके प्रसन्न होने से अकाल मौत का डर कम हो जाता है. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन तिल और चीनी का दान शुभ होता है. कहा जाता है कि चीनी और तिल दान करने से अनजान में हुए पापों से भी मुक्ति मिलती है.

 

इस दिन धर्मराज के निमित्त जल से भरा कलश और पकवान का दान करने से गोदान के समान पुण्यफल फल मिलता है. इस दिन तिल के तेल के दीपक घर में जलाना चाहिए एवं पितरों के निमित्त तिलों का तर्पण करना चाहिए.


वैशाख पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान करने का महत्व


वैशाख पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय, कुआं या बावड़ी में स्नान करने का विशेष फल प्राप्त होता है. स्नान करने के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विशेष पूजा करनी चाहिए और अंत में दान दक्षिण देना चाहिए.


बुद्ध पूर्णिमा संकल्प का दिवस


वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान से पहले व्रत का संकल्प लें. विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए आज संकल्प लें और उसे पूरा करने की ठान लें. माना जाता है कि आज के दिन से प्रारंभ किया जाने वाला शुभ कार्य सफल परिणाम देते हैं. इसलिए आज आपको अपने जीवन, परिवार, कारोबार, करियर की सफलता के लिए आज आपको संकल्प लेना चाहिए.


बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये उपाय


शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा के दिन सुबह पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी की आगमन होता है. कहते हैं कि इस दिन सुबह नित्य कर्मों के बाद पीपल के पेड़ पर कुछ मीठा रखकर और मीठा जल अर्पण कर धूप अगरबत्ती जलाकर मां लक्ष्मी का पूजन करें और माता लक्ष्मी को घर में निवास करने के लिए आमंत्रित करें, तो उस जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है.


बुद्ध पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बेल पत्र, शमी पत्र और फल चढ़ाने से भगवान शिव के जातक पर सदैव कृपा बनी रहती है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन घीसे हुए सफेद चंदन में केसर मिलाकर भगवान शंकर को अर्पित करने से घर से कलह और अशांति दूर हो जाती है.


बुद्ध पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के ताजा पत्तों से बनाया गया तोरण अवश्य बांध दें. इससे घर में शुद्धता का वातावरण बना रहता है. लंबे और प्रेम से भरे दांपत्य जीवन के लिए पूर्णिमा जातक शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए.


आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए करें इस मंत्र का जाप

आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चंद्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः चन्द्रमासे नमः या ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम. मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य देना चाहिए. ऐसा करने से धीरे-धीरे आर्थिक समस्याएं खत्म हो जाती हैं.




आज का पंचांग


बैशाख - शुक्ल पक्ष - पूर्णिमा तिथि – सोमवार  

नक्षत्र- विशाखा नक्षत्र  

महत्वपूर्ण योग- वरीयान योग  


चंद्रमा का तुला के उपरांत वृश्चिक राशि पर संचरण

 

आज का शुभ मुहूर्त – सर्वार्थ सिद्ध योग 13.17 से  

राहु काल - 07.27 बजे से 09.06 बजे तक


गुप्त मनोकामना की पूर्ति के लिए


आज बुद्ध पूर्णिमा है. आज गुप्त मनोकामना की पूर्ति के लिए विशेष उपाय बता रहा हूं. आज नदी के किनारे वटवृक्ष के 11 पत्ते पर रखकर 11 मिट्टी का दीपक जलाएं और प्रत्येक दीपक में जलती हुई अवस्था में सफेद राई डाल दें. इस दौरान एक मनोकामना का स्मरण अवश्य करें.