Saturday, 31 July 2021

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जोर पकड़ रही है कोंच-एट शटल के संचालन की मांग, वकीलों ने रेलमंत्री को भेजा ज्ञापन

जोर पकड़ रही है कोंच-एट शटल के संचालन की मांग, वकीलों ने रेलमंत्री को भेजा ज्ञापन

SOURCE BY : POST REPORTS

Bureau Chief Vishnu Chansoliya Reports

Postreports Desk Team



जोर पकड़ रही है कोंच-एट शटल के संचालन की मांग, वकीलों ने रेलमंत्री को भेजा ज्ञापन


ब्रिटिश काल से 14 किमी की दूरी तय करने वाली शटल ट्रेन कोविड लॉक डाउन के चलते सवा साल से है बंद



उरई। कोविड के चलते लगभग सवा साल से बंद पड़ी कोंच-एट शटल ट्रेन के पुनः संचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसे कोंच एट के बीच दौड़ाने के लिए कोंच बारसंघ के वकीलों ने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजा है। 


वर्ष 1904 में ब्रिटिश काल में कोंच-एट के बीच 14 किमी की दूरी तय करके इलाकाई लोगों को शेष भारत से जोड़ने बालीली देश की सबसे छोटी 14 किमी ब्रॉड गेज लाइन पर तीन डिब्बों वाली शटल ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था।


कई तरह के उतार चढ़ाव देखते हुए अब तक का सफर करने बाली यहां की इस लाइफलाइन शटल ट्रेन का संचालन तमाम बड़ी ट्रेनों के साथ ही कोरोना के चलते वर्ष 2020 में लगाए गए लॉकडाउन के समय में केन्द्र सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था। इससे क्षेत्र के हजारों मुसाफिरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उक्त परेशानी को देखते हुए अब अलग अलग संगठन आगे आकर शटल ट्रेन का संचालन प्रारंभ किए जाने की मांग उठाने लगे हैं।


बार एसोसिएशन कोंच के अधिवक्ताओं ने बुधवार को केंद्रीय रेलमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम अशोक कुमार को सौंपा है।जिसमें अधिवक्ताओं ने कहा कि शटल ट्रेन का संचालन न होने से क्षेत्र के हजारों मुसाफिरों को एट जंक्शन से लखनऊ, कानपुर, झांसी, भोपाल, मुंबई, गोरखपुर, प्रयागराज आदि के रास्ते अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही व्यापार की दृष्टि से भी क्षेत्र वासियों को परेशान होना पड़ रहा है।


इसके बंद होने से न केवल मुसाफिरों की परेशानी बढी है बल्कि सरकार को ट्रेन का संचालन ठप्प से होने से राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने व्यापक जनहित में उक्त शटल ट्रेन का संचालन अविलंब प्रारंभ किए जाने की मांग की है। इस दौरान बारसंघ अध्यक्ष संजीव तिवारी, महामंत्री वीरेंद्र जाटव, योगेन्द्र अरूसिया, अंबरीष रस्तोगी, नवल जाटव, राजेंद्र मोहन श्रीवास्तव, पुरुषोत्तमदास रिछारिया, विनोद निरंजन सेता, जितेंद्र पांडे, रामबिहारी,


अनंतपाल यादव, रामबाबू, विजय द्विवेदी, नरेंद्र तिवारी, कुलदीप निरंजन, दिनेश तिवारी, असित मिश्रा, हल्के सिंह बघेल, उदयवीर सिंह, मलखान निरंजन, हरीसिंह, केदारीलाल पाठक, एनुल आरफीन, रामनरेश त्रिपाठी, तेजराम जाटव आदि मौजूद रहे।