Sunday, 13 June 2021

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मां गौरा का गौना कराने ससुराल पहुंचे बाबा वि‍श्‍वनाथ, ‘रंगभरी ठंडई’ से हुआ बाराति‍यों का स्वागत।.....

मां गौरा का गौना कराने ससुराल पहुंचे बाबा वि‍श्‍वनाथ, ‘रंगभरी ठंडई’ से हुआ बाराति‍यों का स्वागत।.....

SOURCE BY : POST REPORTS

Bureau Chief Amit Gupta Reports

Postreports Desk Team



वाराणसी। रंगभरी एकादशी पर पालकी यात्रा निकलने से एक दि‍न पहले मंगलवार को श्रीकाशी वि‍श्‍वनाथ मंदि‍र के मंहत डॉ कुलपति‍ ति‍वारी का आवास गुलजार हो गया है। माता गौरा का गौना कराने के लिए महादेव मंगलवार शाम को अपने गणों के साथ ससुराल पहुंच गए हैं। गौना के लिए पहुंचे बारातियों का फल, मेवा और खास रंगभरी ठंडई के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया।


मान्यता है कि रंग भरी एकादशी के बाद से ही काशी में होली की उमंग शुरू हो जाती है।गौरा का गौना कराने बाबा विश्वनाथ के आगमन पर अनुष्ठान का विधान शिवाचार्य पं. ज्योति शंकर त्रिपाठी एवं पं. श्रीशंकर त्रिपाठी ‘धन्नी महाराज’ के संयुक्त आचार्यत्व में किया गया। दीक्षित मंत्रों से बाबा का अभिषेक करने के बाद वैदिक सूक्तों का घनपाठ किया गया।


शाम को गौरा का गौना कराने ससुराल पहुंचे बाबा विश्वनाथ के आगमन की रस्म निभाई गई। परंपरा के अनुसार सबसे पहले बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की गोद में प्रथम पूज्य गणेश जी की रजत प्रतिमाओं को एक साथ सिंहासन पर विराजमान कराया गया। पूजन-आरती कर भोग लगाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना से पारंपरिक मंगल गीत भी गाए।


इस अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ महाकाल डमरू सेवा समिति के सदस्यों ने मनोज अग्रहरि के नेतृत्व में डमरुओं की गर्जना की। शिव बारात समिति के दिलीप सिंह, मैं ब्राह्मण हूँ (समिति) परिवार से अध्यक्ष अजीत त्रिपाठी, मनोज शुक्ल और अनुराग पाण्डेय ने बाबा की आरती उतारी। बुधवार की सुबह 11 बजे से रजत प्रतिमा का दर्शन शुरू हो जाएगा। इसके बाद दोपहर बाद रजत पालकी पर सवार होकर काशी पुराधिपति पूरे परिवार के साथ काशी की गलियों में निकलेंगे जहां वो काशीवासियों के साथ अबीर गुलाल की होली भी खेलेंगे।रंगभरी एकादशी का ब्रह्म मुहूर्त


 रंगभरी एकादशी पर 24 मार्च को बाबा के पूजन का क्रम ब्रह्म मुहूर्त में मंहत आवास पर आरंभ होगा। बाबा के साथ माता गौरा की चल प्रतिमा का पंचगव्य तथा पंचामृत स्नान के बाद दुग्धाभिषेक किया जाएगा। सुबह पांच से साढ़े आठ बजे तक 11 वैदिक ब्रह्मणों द्वारा षोडशोपचार पूजन पश्चायत फलाहार का भोग लगा महाआरती की जाएगी। दस बजे चल प्रतिमाओं का राजसी शृंगार एवं पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे भोग आरती के बाद के बाबा का दर्शन आम श्रद्धालुओं के खोला जाएगा।


सायं पौने पांच बजे बाबा की पालकी की शोभायात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाएगी। शिवांजलि संगीत समारोहइससे पूर्व प्रात: साढ़े दस बजे से शिवांजलि संगीत समारोह का परंपरागत आयोजन होगा। इसमें संजीव रत्न मिश्र, कन्हैया दुबे (के.डी.) के संयोजन अमित त्रिवेदी के रुद्रनाद बैंड के कलाकारों के आलावा डॉ.अमलेश शुक्ल, कन्हैया दुबे,स्नेहा अवस्थी, अनुराधा सिंह आदि कलाकार सांगीतिक प्रस्तुतियां देंगे। कोरोना के खतरों को देखते हुए शिवांजलि के प्रारूप को परिवर्तित कर दिया गया है।