Saturday, 17 April 2021

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भारत वर्षा जल का जितना बेहतर प्रबंधन करेगा उतना ही भूमिगत जल पर देश की निर्भरता कम हो जाएगी-प्रधानमंत्री

भारत वर्षा जल का जितना बेहतर प्रबंधन करेगा उतना ही भूमिगत जल पर देश की निर्भरता कम हो जाएगी-प्रधानमंत्री

SOURCE BY : POST REPORTS

Bureau Chief Amit Gupta Reports

Postreports Desk Team



आज जब हम जब तेज़ विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो ये जल सुरक्षा के बगैर प्रभावी जल प्रबंधन के बिना संभव ही नहीं है-नरेन्द्र मोदी


प्रधानमंत्री ने वेबकास्ट के माध्यम से विश्व जल दिवस पर "जल शक्ति अभियान-कैच द रैन" का शुभारंभ किया


मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शिवराज सिंह चौहान एवं जल शक्ति मंत्री   ने केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के एमओए का एग्रीमेंट किया


केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के 62 लाख लोगों को सतत पेयजल उपलब्ध होगा


प्रधानमंत्री के वेबकास्ट कार्यक्रम का जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित लगभग 50-60 अधिकारियों ने सीधा प्रसारण देखा


       वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली वेबकास्ट के माध्यम से विश्व जल दिवस पर "जल शक्ति अभियान कैच द रैन" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वर्चुअली जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने साइनिंग ऑफ केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट  का एमओए का एग्रीमेंट किया। प्रधानमंत्री के वर्चुअल वेबकास्ट का जनपद में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित लगभग 50-60 अधिकारियों ने सीधा प्रसारण देखा।


केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के लाखों लोगों को पानी उपलब्धता का लाभ होगा। बुंदेलखंड क्षेत्र के 62 लाख लोगों को सतत पेयजल मिलेगा। 12 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर किसान फसल उगा सकेंगे। इससे किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि होगी।


        इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज भारत में पानी की समस्या के समाधान के लिए 'कैच द रैन' की शुरुआत के साथ ही केन बेतवा लिंक नहर के लिए भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। अटल जी ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लाखों परिवारों के हित में जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए ये समझौता अहम है।


प्रधानमंत्री ने कहा भारत वर्षा जल का जितना बेहतर प्रबंधन करेगा उतना ही भूमिगत जल पर देश की निर्भरता कम हो जाएगी। इसलिए ‘कैच द रैन' जैसे अभियान चलाए जाने और सफल होना जरूरी है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हो या हर खेत को पानी अभियान,‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ अभियान हो या नमामि गंगे मिशन, जल जीवन मिशन हो या अटल भूजल योजना, सभी पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज जब हम जब तेज़ विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो ये जल सुरक्षा के बगैर प्रभावी जल प्रबंधन के बिना संभव ही नहीं है। भारत के विकास का विजन, भारत की आत्मनिर्भरता का विजन, हमारे जल स्रोतों पर निर्भर है, हमारी वाटर कनेक्टिविटी पर निर्भर है।


' जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'आजादी के बाद पहली बार पानी की टेस्टिंग को लेकर किसी सरकार द्वारा इतनी गंभीरता से काम किया जा रहा है और मुझे इस बात की भी खुशी है कि पानी की टेस्टिंग के इस अभियान में हमारे गांव में रहने वाली बहनों-बेटियों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डेढ़ साल पहले हमारे देश में 19 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से सिर्फ साढ़े 3 करोड़ परिवारों के घर नल से जल आता था। मुझे खुशी है कि 'जल जीवन मिशन' शुरू होने के बाद इतने कम समय में ही लगभग 4 करोड़ नए परिवारों को नल का कनेक्शन मिल चुका है। उन्होंने कहा वर्षा जल से संरक्षण के साथ ही हमारे देश में नदी जल के प्रबंधन पर भी दशकों से चर्चा होती रही है। देश को पानी संकट से बचाने के लिए इस दिशा में अब तेजी से कार्य करना आवश्यक है। केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट भी इसी विजन का हिस्सा है।



       गौरतलब हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई ने सुझाव दिया था कि देश के कुछ क्षेत्रों में बाढ़/अतिवृष्टि/अधिक जल होना व दूसरे क्षेत्रों में पानी का अभाव होने की स्थिति में दोनों स्थानों पर समस्या होती है। नदियों को एक-दूसरे से जोड़ने से पानी का समुचित उपयोग होगा और दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। केंद्र की मोदी सरकार में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के सपनों को साकार रूप मिल रहा है।


इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पर आज विश्व जल दिवस के अवसर पर एमओए पर एग्रीमेंट किया। जनपद में प्रधानमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रम देखने के उपरांत अधिकारियों ने सभी के साथ सामूहिक रूप से "जल शपथ" ली। जिसमें पानी को बचाने, विवेकपूर्ण उपयोग, कैच द रैन को बढ़ावा देने तथा इन सभी बिंदुओं से आमजन को जोड़ने की शपथ ली।