Friday, 14 May 2021

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काशी में शुरू हुईं बाबा वि‍श्‍वनाथ के वि‍वाह की रस्‍में, हल्‍दी-चुमावन पर महि‍लाओं ने गाये मंगल गीत।..

काशी में शुरू हुईं बाबा वि‍श्‍वनाथ के वि‍वाह की रस्‍में, हल्‍दी-चुमावन पर महि‍लाओं ने गाये मंगल गीत।..

SOURCE BY : POST REPORTS

Bureau chief Amit Gupta Reports

Postreports Desk Team



वाराणसी। भोलेनाथ की नगरी काशी में महाशिवरात्रि पर होने वाले शिव-पार्वती विवाह का उत्सव मंगलवार से विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर आरंभ हो गया है। टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास पर बाबा के रजत विग्रह का प्रतीक आगमन हुआ। संध्या बेला में शिव को हल्दी लगाई गई। बाबा को ठंडई, पान और मेवे का भोग लगाया गया।


हल्दी की रस्म के लिए गवनहिरयों की टोली संध्या बेला में महंत आवास पहुंची। एक तरफ मंगल गीतों का गान हो रहा था, दूसरी तरफ बाबा को हल्दी लगाई जा रही थी। बाबा के तेल-हल्दी की रस्म महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में हुई। ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक के बीच शिव-पार्वती के मंगल दाम्पत्य की कामना पर आधारित गीत गाए गए। 




‘भोले के हरदी लगावा देहिया सुंदर बनावा सखी...’,‘पहिरे ला मुंडन क माला मगर दुल्हा लजाला...’, ‘दुल्हा के देहीं से भस्मी छोड़ावा सखी हरदी लगावा ना...’,‘शिव दुल्हा के माथे पर सोहे चनरमा...’,‘अड़भंगी क चोला उतार शिव दुल्हा बना जिम्मेदार’, आदि हल्दी के पारंपरिक शिवगीतों से बाबा भोलेनाथ का भखान किया गया।मंगल गीतों में यह चर्चा भी की गई कि विवाह के लिए तैयारियां कैसे की जा रही हैं।